Friday, September 12, 2014

जैसी करनी वैसी भरनी

जिनके सत्ता साम्राज्य से सूर्य का कभी अस्त नहीं होता, ऐसी ख्याती रखने वाले ग्रेट ब्रीटन का ही विभाजन होने जा रहा है।  अच्छा हो रहा है या बुरा हो रहा है यह अभ्यास का विषय है।  लेकिन एक बात सुनिश्चित है की किये हुए कर्मो का फल भुगतना ही पडता है।  एक कहावत है जैसी करनी वैसी भरनी इस कहावत का प्रत्यय अमगजोंको आ रहा है । अंग्रेजोंने  हमेशाहि अलगाववाद की ही राजनीती की है।  विभाजन करो और राज करो (Divide and rule ) यही उनकी राजनीती का मूल मंत्र रह चुका है। यह बात तत्कालीन कुछ राजनेताओंके  समझ में न आने के कारण ही १५० साल तक अग्रोजोने भारतवर्ष पर राज किया।  और जब भारत छोड़ कर जाने का समय आया तब भी यही Divide and rule नीति का अवलम्ब उन्होने किया , और कूछ शीर्षस्थ राजनेताओंके स्वार्थपरायणता के कारण अंग्रज ऐसा नीति में सफल भी हुए।  और माँ भारती का दुर्भाग्यपूर्ण  विभाजन हुआ ,भारत पाक बटवारा हुआ। आज उनके किए हुए कर्मों का फल भुगतने का अवसर आया है।  आज अंग्रेजी राजनेता, उनके प्रधानमंत्री विभाजन न होने हेतु बहोत भागदौड़ - प्रयत्न करा रहे है।  विभाजन होगा या नहीं होगा यह बात समय और स्कॉटलैंड की जनता तय करेगी। लेकिन इस बात से इतना तो हुआँ की अंग्रेजो को विभाजकी क्या पीड़ा , क्या दु:ख होता इस बात की झलकियाँ तो देखने मिली।

No comments:

Post a Comment