आरक्षण बारे में कुछ । ……
आजकल बहोत जाती के लोग आरक्षण की मांग कर रहे है। किन्तु इस झुंड में समाज का ऐसा भी वर्ग है की जो आरक्षण की माँगा नहीं कहता है। यह सही है की इस समाजके संवर्गने जो कुछ पाया है वो आपने बुद्धी के बल पर पाया है।
जब किसी समाज को आरक्षण लाभ दिया जाता है उसका कारण उनकी सही ढंग में उन्नति हुई नहीं। लेकिन कभी कभी उस समाज अथवा जाती के लोग अनारक्षित जगह का भी फ़ायदा उठाते है क्यों कीआरक्षण के बिना ही वो उनकी इच्छित जगह पा सकते है । इस बजह से अनारक्षित जगह कम हो जाती है और आरक्षित जगह बढ जाती है। और आगे जा कर जब चाहे तब वो जरुरत पड़नेपर आरक्षण का लाभ पुन: उठा सकता है।
यह अनारक्षित वर्गो के लिए अन्यायकारक है। इस लिये आरक्षण देते समय एक प्रावधान रखना जरूरी लगता है, एक तो आरक्षित वर्ग के लोगो को अनारक्षित जगह का फ़ायदा ना मिले। और यदि आरक्षित जाती का कोई आरक्षण का फ़ायदा नहीं चाहता है तो ये सिद्ध हुआ की उसे आपेक्षित उन्नत स्तर प्राप्त हुआ है। और आगे जाकर उसे और उसके आगेकी पीढीयो को आरक्षण का फ़ायदा ना मिले.
ये मेरे निजी विचार है लेकिन इसापर विचार होना आवश्य है।
आजकल बहोत जाती के लोग आरक्षण की मांग कर रहे है। किन्तु इस झुंड में समाज का ऐसा भी वर्ग है की जो आरक्षण की माँगा नहीं कहता है। यह सही है की इस समाजके संवर्गने जो कुछ पाया है वो आपने बुद्धी के बल पर पाया है।
जब किसी समाज को आरक्षण लाभ दिया जाता है उसका कारण उनकी सही ढंग में उन्नति हुई नहीं। लेकिन कभी कभी उस समाज अथवा जाती के लोग अनारक्षित जगह का भी फ़ायदा उठाते है क्यों कीआरक्षण के बिना ही वो उनकी इच्छित जगह पा सकते है । इस बजह से अनारक्षित जगह कम हो जाती है और आरक्षित जगह बढ जाती है। और आगे जा कर जब चाहे तब वो जरुरत पड़नेपर आरक्षण का लाभ पुन: उठा सकता है।
यह अनारक्षित वर्गो के लिए अन्यायकारक है। इस लिये आरक्षण देते समय एक प्रावधान रखना जरूरी लगता है, एक तो आरक्षित वर्ग के लोगो को अनारक्षित जगह का फ़ायदा ना मिले। और यदि आरक्षित जाती का कोई आरक्षण का फ़ायदा नहीं चाहता है तो ये सिद्ध हुआ की उसे आपेक्षित उन्नत स्तर प्राप्त हुआ है। और आगे जाकर उसे और उसके आगेकी पीढीयो को आरक्षण का फ़ायदा ना मिले.
ये मेरे निजी विचार है लेकिन इसापर विचार होना आवश्य है।
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